वसंत के रंग SPS के संग

मन में उमंगे भरती, प्रकृति और मनुष्य को जोड़ने वाली ऋतु है वसंत। कड़कड़ाती ठंड के अंतिम पड़ाव के रूप में वसंत ऋतु का आगमन प्रकृति को वासंती रंग से सराबोर कर जाता है। अंगारों की तरह दिखते पलाश के फूल, आम के पेड़ों पर आए बौर, हरियाली से ढंकी धरती और गुलाबी ठंड, वसंत पंचमी ऋतुओं के उसी सुखद परिवर्तन का एक रुप है। वसंत पंचमी के विभिन्न स्वरूपो से विद्यर्थीओ को अवगत कराने के उद्देश्य से स्टैण्डर्ड पब्लिक स्कूल में वसंत पंचमी महोत्सव मनाया गया।

जहा नन्हे बच्चो ने एक हिंदी नाटक से जाना की कैसे ऋतुओं के राजा वसंत के आगमन से खेतों में पीली-पीली सरसों, अपने पीले-पीले फूलों से किसान को हर्षित करती हैं। वाही समूह गीत ” आयो बसंत झूम झूम के… “के माध्यम से विद्यार्थीयो ने पीकृतिक परिवर्तन का सुन्दर चित्रण किया।

बसंत पंचमी को सभी शुभ कार्यों के लिए अत्यंत शुभ मुहूर्त माना गया है। मुख्यतः विद्यारंभ, नवीन विद्या प्राप्ति एवं गृह प्रवेश के लिए बसंत पंचमी को पुराणों में भी अत्यंत श्रेयस्कर माना गया है। अतः

प्री प्राइमरी के बच्चो ने सरस्वती पूजन कर रंगों के महत्त्व को समझा व वर्णमाला के प्रथम अक्षर का अभ्यास किया।

विद्यालय के प्राचार्य श्री श्याम अग्रवाल जी ने इस ऋतु का महत्त्व बताते हुए जीवन में परिवर्तन और परोपकार की सिख दी।

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